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Wednesday, September 2, 2026
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सुप्रीम कोर्ट ने नीट प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सभी FIR रद्द करने के दिए निर्देश, CJP ने 5 सितंबर का प्रस्तावित मार्च लिया वापस

नई दिल्ली। नीट प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों और प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत देते हुए विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज एफआईआर वापस लेने का निर्देश दिया है। हालांकि, गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले आरोपियों को इस राहत से बाहर रखा गया है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि दिल्ली पुलिस के अलावा बिहार, असम, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र सरकारों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द करने की प्रक्रिया के संबंध में याचिकाएं दाखिल की हैं।

सरकार के आश्वासन के बाद आया फैसला

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को आश्वासन दिया कि 20 जुलाई के नीट प्रदर्शन को लेकर दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे। साथ ही भविष्य में इसी प्रदर्शन के संबंध में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नए मामले दर्ज नहीं किए जाएंगे। अदालत ने दोनों पक्षों के सकारात्मक रुख और आपसी विश्वास के साथ हुई बातचीत की सराहना की।

गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड वालों पर कार्रवाई जारी

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राहत सभी आरोपियों पर लागू नहीं होगी। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल 2,873 लोगों में से गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले कुछ लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर दिल्ली पुलिस को आगे कार्रवाई की अनुमति दी गई है।

CJP ने 5 सितंबर का मार्च वापस लिया

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और केंद्र सरकार के सकारात्मक आश्वासन के बाद CJP ने दिल्ली में 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च वापस लेने का फैसला किया है। संगठन के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि अदालत और दोनों पक्षों के वकीलों के प्रयासों का सम्मान करते हुए मार्च वापस लिया गया है। संगठन ने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का समयबद्ध तरीके से पालन किया जाएगा।

पीड़ित परिवारों को मुआवजे पर भी निर्देश

नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने के मामले में भी सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार ने मुआवजा देने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रक्रिया तय करने के लिए तीन महीने का समय मांगा था। कोर्ट ने केंद्र को तीन महीने के भीतर मुआवजे की पूरी प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।

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