हरिद्वार। शहर में खेल मैदानों की कमी के बीच नेशनल हाईवे के फ्लाईओवर के नीचे खाली पड़ी जगह अब खेल प्रतिभाओं को निखारने का जरिया बन रही है। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) ने भूपतवाला में अनुपयोगी पड़ी जगह का बेहतर इस्तेमाल करते हुए अंडर फ्लाईओवर स्पोर्ट्स जोन विकसित किया है। यहां बच्चों और युवाओं को फुटबॉल, वॉलीबाल, बास्केटबाल और क्रिकेट समेत विभिन्न खेलों के अभ्यास की सुविधा मिल रही है।
फ्लाईओवर के नीचे लंबे समय से खाली पड़ी जगह पर अब सुबह और शाम खिलाड़ियों की आवाजाही रहती है। स्थानीय बच्चे और युवा नियमित रूप से यहां पहुंचकर अपने पसंदीदा खेल का अभ्यास कर रहे हैं। पहले जहां यह स्थान खाली और उपेक्षित नजर आता था, वहीं अब खेल गतिविधियों के चलते यहां रौनक देखने को मिल रही है।
मैदानों की कमी से खिलाड़ियों को मिली राहत
हरिद्वार शहर में खेल मैदानों की सीमित संख्या के कारण बच्चों और युवाओं को नियमित अभ्यास के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती। ऐसे में फ्लाईओवर के नीचे विकसित स्पोर्ट्स जोन खिलाड़ियों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। स्थानीय खिलाड़ी सनातन ने बताया कि स्पोर्ट्स जोन बनने से बच्चों और युवाओं को अभ्यास के लिए एक निर्धारित स्थान मिल गया है। अलग-अलग खेलों के लिए उपलब्ध सुविधाओं से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिल रहा है।
खिलाड़ियों का कहना है कि यदि शहर में इस तरह के और खेल क्षेत्र विकसित किए जाएं तो स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। खासकर उन बच्चों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण है, जिनके पास निजी स्तर पर अभ्यास के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं।
अनुपयोगी जगह का सकारात्मक इस्तेमाल
एचआरडीए की इस पहल का उद्देश्य फ्लाईओवर के नीचे खाली पड़ी जगहों का व्यवस्थित और सकारात्मक उपयोग करना है। प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, ऐसी जगहों को खेल गतिविधियों के लिए विकसित करने से न केवल उनका बेहतर इस्तेमाल हो रहा है, बल्कि बच्चों और युवाओं को भी खेल के लिए सुरक्षित और निर्धारित स्थान उपलब्ध कराया जा रहा है।
एचआरडीए के सचिव प्रत्यूष सिंह ने कहा कि फ्लाईओवर के नीचे खाली पड़ी जगहों का उपयोग खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। यहां छोटे-छोटे खेल मैदान विकसित किए गए हैं, ताकि स्थानीय खिलाड़ियों को अभ्यास का बेहतर अवसर मिल सके। स्पोर्ट्स जोन के रखरखाव और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी प्राधिकरण की है।
अतिक्रमण और कूड़े की समस्या से भी मिलेगी निजात
फ्लाईओवर के नीचे खाली पड़ी जगहों पर अक्सर अतिक्रमण, कूड़ा-कचरा और अन्य असामाजिक गतिविधियों की आशंका बनी रहती है। ऐसे में इन स्थानों को खेल मैदान के रूप में विकसित करने से उनका व्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित हो रहा है। इससे क्षेत्र की साफ-सफाई और व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिल रही है।
स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों का कहना है कि यदि शहर के अन्य हिस्सों में भी ऐसी अनुपयोगी सरकारी या सार्वजनिक जगहों को चिन्हित कर खेल सुविधाएं विकसित की जाएं तो बड़ी संख्या में बच्चों और युवाओं को नियमित अभ्यास के लिए बेहतर अवसर मिल सकता है। इससे हरिद्वार में स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में भी मदद मिलेगी।

