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Tuesday, October 20, 2026
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गिरधारी लाल साहू की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, रेखा आर्या से जुड़े एससी-एसटी एक्ट मामले में बढ़ीं मुश्किलें

देहरादून। उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के बीच चल रहे विवाद में कानूनी मोर्चे पर गिरधारी लाल साहू को बड़ा झटका लगा है। देहरादून स्थित एससी-एसटी एक्ट की विशेष अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज मामले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने प्रथम दृष्टया माना कि प्राथमिकी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अपराध के तत्व दिखाई देते हैं। ऐसे में कानून के प्रावधानों के मद्देनजर अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।

विशेष न्यायाधीश अंजलि बेंजवाल की अदालत में याचिका पर सुनवाई हुई। गिरधारी लाल साहू की ओर से बचाव पक्ष ने दलील दी कि शिकायतकर्ता उनकी पत्नी हैं और प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। उन्होंने आशंका जताई कि उनके प्रभाव का इस्तेमाल कर उन्हें गिरफ्तार कराया जा सकता है। बचाव पक्ष ने मामले को पति-पत्नी के बीच घरेलू और आर्थिक विवाद बताते हुए आरोपों को अस्पष्ट तथा निराधार बताया।

याचिका में यह तर्क भी दिया गया कि कथित घटना आवास के भीतर हुई थी, इसलिए इसे सार्वजनिक दृष्टि वाले स्थान पर हुई घटना नहीं माना जाना चाहिए। बचाव पक्ष ने इन्हीं आधारों पर अग्रिम जमानत देने की मांग की थी।

अभियोजन ने किया जमानत का विरोध

वहीं, अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक गोविंद सिंह ने अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया। अभियोजन के अनुसार, प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि गिरधारी लाल साहू ने अपने आवास पर स्टाफ के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता के प्रति जातिसूचक और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।

अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि घटना के दौरान अन्य लोगों की मौजूदगी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। केवल इस आधार पर कि कथित घटना घर के अंदर हुई, मामले को एससी-एसटी एक्ट के दायरे से बाहर नहीं माना जा सकता।

कर्मचारियों की मौजूदगी और घटनास्थल अहम

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले से जुड़े अभिलेखों का अवलोकन किया। अदालत के समक्ष यह पहलू भी आया कि कथित घटना के समय आवास पर मौजूद कर्मचारियों की स्थिति क्या थी, वे घटना के साक्षी थे या नहीं और कथित अपमान किस परिस्थिति में हुआ। अदालत के अनुसार, ये सभी पहलू जांच और साक्ष्य के विषय हैं।

अदालत ने माना कि केवल घटना के घर के भीतर होने के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि वह सार्वजनिक दृष्टि वाले स्थान पर नहीं हुई। प्राथमिकी में प्रथम दृष्टया एससी-एसटी एक्ट के तहत अपराध के तत्व पाए जाने के आधार पर अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

विवाद के बीच कानूनी कार्रवाई जारी

रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद पिछले कुछ समय से चर्चा में है। इस प्रकरण में विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन और जांच से जुड़ी कार्रवाई की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

 

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