अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए अंतिम चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। मंगलवार को अयोध्या में चयन समिति ने shortlisted उम्मीदवारों के साक्षात्कार लिए। पहले दिन करीब नौ उम्मीदवारों का इंटरव्यू हुआ। इनमें अयोध्या के पूर्व जिलाधिकारी एवं मंडलायुक्त रहे पूर्व आईएएस योगेश्वर राम मिश्र और पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय भी शामिल रहे।
सीईओ पद के लिए देशभर से बड़ी संख्या में आवेदन आने के बाद आवेदन पत्रों की छंटनी और प्रारंभिक साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी की गई थी। इसके बाद करीब 18 उम्मीदवारों को अंतिम साक्षात्कार के लिए चुना गया है। अंतिम इंटरव्यू बुधवार को भी जारी रहेगा।
एक-एक उम्मीदवार से एक घंटे से अधिक पूछताछ
अंतिम साक्षात्कार के दौरान चयन समिति के सदस्य उम्मीदवारों से करीब एक घंटे या उससे अधिक समय तक सवाल कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवारों से राम मंदिर की व्यवस्थाओं के संचालन, प्रशासनिक क्षमता, प्रबंधन कौशल, वित्तीय प्रबंधन और पूर्व कार्य अनुभव से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं।
उम्मीदवारों की पूर्व तैनाती और जिम्मेदारियों के बारे में भी जानकारी ली जा रही है। इसके साथ ही श्रीरामलला के प्रति उनकी आस्था और मंदिर की धार्मिक एवं प्रशासनिक प्रकृति को समझने की क्षमता को भी परखा जा रहा है।
तीन सदस्यीय समिति कर रही अंतिम चयन
सीईओ पद के लिए गठित तीन सदस्यीय चयन समिति उम्मीदवारों का साक्षात्कार ले रही है। समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली कर रहे हैं। समिति में डॉ. सुरेश हावड़े और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी सदस्य हैं।
साक्षात्कार के दौरान ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और सदस्य महंत दिनेंद्रदास भी उपस्थित रहे।
ग्रीन हाउस और पीएफसी परिसर में हुई प्रक्रिया
सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 10 बजे साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू हुई। उम्मीदवारों ने निर्धारित प्रवेश द्वारों से परिसर में प्रवेश किया। अंतिम साक्षात्कार रामजन्मभूमि परिसर स्थित यात्री सुविधा केंद्र (PFC) के सभागार में आयोजित किया गया।
कुछ उम्मीदवार सोमवार शाम ही अयोध्या पहुंच गए थे। ट्रस्ट की ओर से उनके ठहरने की व्यवस्था रामजन्मभूमि परिसर से सटे तीर्थ क्षेत्र भवन में की गई थी।
5200 से अधिक आवेदनों के बाद 18 उम्मीदवारों का चयन
राम मंदिर ट्रस्ट ने सीईओ पद के लिए 13 जुलाई को आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए थे। आवेदन की अंतिम तिथि 18 जुलाई निर्धारित की गई थी। इस पद के लिए करीब 5200 आवेदन प्राप्त हुए थे।
इनमें सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त अधिकारियों के अलावा निजी क्षेत्र में प्रशासन और प्रबंधन का अनुभव रखने वाले लोगों ने भी आवेदन किया था। आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी के बाद करीब 54 उम्मीदवारों का प्राथमिक साक्षात्कार लिया गया। इसके बाद चयन समिति ने लगभग 18 उम्मीदवारों को अंतिम चरण के लिए चुना।
तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंपेगी समिति
अंतिम साक्षात्कार पूरा होने के बाद चयन समिति उम्मीदवारों में से सबसे योग्य तीन नामों का पैनल तैयार करेगी। यह पैनल श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा जाएगा।
ट्रस्ट की प्रस्तावित बैठक में इन नामों पर विचार-विमर्श के बाद सीईओ के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दो सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में CEO के चयन पर फैसला लिया जा सकता है।
राम मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं, वित्तीय एवं प्रशासनिक संचालन और भविष्य की विस्तार योजनाओं को देखते हुए सीईओ का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में चयन समिति के सामने प्रशासनिक अनुभव के साथ धार्मिक-सांस्कृतिक संवेदनशीलता और बड़े स्तर पर प्रबंधन क्षमता रखने वाले उम्मीदवार के चयन की चुनौती है।

