back to top
Tuesday, October 13, 2026
Homeउत्तराखंडहरिद्वार कैबिनेट बैठक में 13 अहम फैसलों पर लगी मुहर, इनको मिली...

हरिद्वार कैबिनेट बैठक में 13 अहम फैसलों पर लगी मुहर, इनको मिली मंजूरी

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विकास, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार, निवेश को प्रोत्साहन देने और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा के बाद कुल 13 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए भर्ती संबंधी नई नियमावली, मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना, बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली और अग्निशमन सेवाओं से संबंधित विधेयक प्रमुख रहे।

कैबिनेट ने कई विधेयकों को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी देने के साथ विभिन्न विभागों में पदों की निरंतरता, आवासीय परियोजना और भू-उपयोग परिवर्तन से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की।

सेवामुक्त अग्निवीरों को भर्ती में मिलेगी राहत

कैबिनेट ने राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए नई क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। सरकार के अनुसार, वर्ष 2025 की पूर्ववर्ती नियमावली में सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा में छूट और शारीरिक दक्षता परीक्षा से संबंधित प्रावधान किए गए थे।

केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप नियमों में संशोधन करते हुए नई नियमावली तैयार की गई है। इसमें लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट के प्रावधान शामिल किए गए हैं। इस फैसले का उद्देश्य सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं को राज्य की वर्दीधारी सेवाओं में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था को संशोधित करना है।

बच्चों को मिलेगा राज्य बाल वीरता पुरस्कार

मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को भी मंजूरी दी। इसके तहत विपरीत परिस्थितियों में धैर्य, असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य साहसी बच्चों को प्रोत्साहित करना और उनके कार्यों को अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनाना है।

बाढ़ संभावित क्षेत्रों में विकास गतिविधियों का होगा नियमन

कैबिनेट ने उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को स्वीकृति दी। इसके माध्यम से उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण अधिनियम, 2012 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया, मानक और कार्यप्रणाली निर्धारित की जाएगी।

नियमावली का उद्देश्य बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग और विकास गतिविधियों को नियंत्रित करना तथा नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखना है। इससे बाढ़ के दौरान जनहानि, संपत्ति के नुकसान और महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे को होने वाली क्षति के जोखिम को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

जन विश्वास संशोधन विधेयक विधानसभा में होगा पेश

व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी।

प्रस्तावित विधेयक के तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी और प्रक्रियात्मक गलतियों के लिए नागरिक दंड तथा प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान करने और अप्रचलित एवं अनावश्यक कानूनी प्रावधानों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

अग्निशमन सेवाओं के लिए नया कानून

प्रदेश में अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी गई। यह विधेयक भारत सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019 के अनुरूप तैयार किया गया है।

सरकार के अनुसार, औद्योगिक विकास, तेजी से बढ़ते शहरीकरण, आपदाओं और आग लगने की संभावित घटनाओं से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए वर्तमान अग्निशमन कानून की समीक्षा कर नया कानून लाने का प्रस्ताव है।

विधानसभा के तृतीय सत्र को बुलाने की मंजूरी

मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी दी। सत्र की तारीख और स्थान निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया है।

मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान का होगा विकास

हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास और विस्तार के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। प्रस्तावित योजना के तहत संस्थान को योग एवं ध्यान केंद्र, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन केंद्र, ललित कला केंद्र, हिंदू अध्ययन एवं दर्शन केंद्र तथा आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इस पहल का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शोध को बढ़ावा देना है।

परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत संबंधित एजेंसियों को

कैबिनेट ने उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम, 2023 की अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने का प्रावधान किया गया है। सरकार के मुताबिक, इससे परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और आधारभूत ढांचे के विकास को गति देने में सहायता मिलेगी।

स्वजल और जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की अवधि बढ़ी

कैबिनेट ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई, स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के कुल 215 पदों की निरंतरता को 1 मार्च, 2026 से 28 फरवरी, 2027 तक बढ़ाने की मंजूरी दी।

इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कर्मचारियों को पूर्व की भांति वेतन और मानदेय का भुगतान राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के माध्यम से किया जाएगा।

हरिद्वार में आवासीय परियोजना के लिए मार्ग की चौड़ाई में छूट

जनपद हरिद्वार की भगवानपुर तहसील के ग्राम सिसौना में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के लिए पहुंच मार्ग की निर्धारित न्यूनतम चौड़ाई में शिथिलता को मंजूरी दी गई। प्रधानमंत्री आवास योजना तथा केंद्र और राज्य सरकार की आवास नीतियों के अनुरूप प्रस्तावित यह परियोजना लगभग 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जानी है।

परियोजना के तलपट मानचित्र की स्वीकृति के लिए निर्धारित नौ मीटर चौड़े पहुंच मार्ग के स्थान पर उपलब्ध छह मीटर चौड़े मार्ग को देखते हुए तीन मीटर की छूट प्रदान की गई है।

ऊधमसिंह नगर में भू-उपयोग संबंधी त्रुटि सुधरेगी

कैबिनेट ने ऊधमसिंह नगर जिले की बाजपुर तहसील के ग्राम भौना इस्लामनगर में 24,280 वर्गमीटर भूमि के औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन से जुड़े शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधारने को मंजूरी दी। 10 नवंबर, 2023 के शासनादेश में गलती से दर्ज खसरा संख्या 321/1अ के स्थान पर सही खसरा संख्या 321/2अ अंकित की जाएगी।

संस्कृति विभाग के वित्तीय अधिकारों में बदलाव

उत्तराखंड वित्तीय हस्तपुस्तिका खंड-1 के वित्तीय अधिकारों के प्रतिनिधायन से संबंधित प्रावधान में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में दर्ज निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग के स्थान पर महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय, उत्तराखंड का नाम शामिल किया जाएगा। इससे विभागीय प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप वित्तीय अधिकारों का संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

केंद्र सरकार के सहयोग के लिए जताया आभार

बैठक में उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में मिल रहे सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही राज्य की पर्वतीय, सीमावर्ती और सामरिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी विकास संबंधी प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं के अनुरूप केंद्र सरकार से निरंतर सहयोग की अपेक्षा जताई गई।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments