back to top
Monday, September 21, 2026
Homeउत्तराखंडबारिश से अचानक आई बाढ़, भूस्खलन का कहर, 6 की मौत

बारिश से अचानक आई बाढ़, भूस्खलन का कहर, 6 की मौत

तिरुवनंतपुरम। केरल में रविवार को अचानक हुई भारी बारिश ने कई जिलों में तबाही मचा दी। कोट्टायम, इडुक्की और मलप्पुरम में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। मलप्पुरम जिले में अचानक आई बाढ़ के बाद कई लोगों के लापता होने की सूचना है। राहत और बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

मौसम विभाग ने सोमवार को कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम और पलक्कड़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने कुछ क्षेत्रों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी है। प्रशासन ने लोगों से विशेष रूप से पहाड़ी और निचले इलाकों में सतर्क रहने की अपील की है।

मलप्पुरम में अचानक बढ़ा नदी का जलस्तर

मलप्पुरम के नीलांबुर क्षेत्र के अमराम्बलम स्थित टीके कॉलोनी के पास रविवार शाम करीब पांच बजे अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई। पूक्कोट्टुमपदम के कोट्टापुझा क्षेत्र में स्थित स्थानीय पर्यटन स्थल पर छुट्टी के कारण बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इसी दौरान नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और तेज बहाव की चपेट में कई लोग आ गए।

वन विभाग के अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने पानी का स्तर तेजी से बढ़ता देख लोगों को समय रहते चेतावनी दी। इसके बावजूद कुछ लोग तेज बहाव में बह गए। बचावकर्मियों ने दो लोगों के शव पोट्टिकल्लु मुत्तिक्कुंडु और एंटोनीक्कड़ अयानिक्कुंडु क्षेत्र से बरामद किए। दोनों शवों पर चट्टानों से टकराने के कारण गंभीर चोटों के निशान मिले हैं।

लापता लोगों की पहचान करुवरकुंडु निवासी रहीम (35), कोट्टक्कल निवासी मंगदन अनस (27), उनके साथ मौजूद एक बुजुर्ग, वंडूर निवासी सजाद (23), वंडूर चेट्टियारममल निवासी कुरुप्पथ रफीक (41) और टीके कॉलोनी निवासी वेलुथेदाथ संजयदास की पत्नी सजिता के रूप में बताई गई है।

रात में रोका गया सर्च ऑपरेशन

फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज के नेतृत्व में पुलिस, वन विभाग और स्थानीय लोगों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया गया। अंधेरा होने के कारण रात में अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया गया और सोमवार सुबह फिर से तलाश शुरू की गई। इसी दौरान चेक्कड़ में छह लोगों का एक समूह नदी के तेज बहाव में फंस गया। इनमें से दो लोग तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि चार अन्य को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बचा लिया। बचाए गए लोगों में नौशाद (37), शबीर बाबू (40), मुहम्मद सदुरुल (21), फरहान (23), चालर मिर्दा (39) और नेल्लीसेरी फिरोज (43) शामिल हैं।

घटनास्थल पर पुलिस और राहत टीमें तैनात

घटनास्थल पर नीलांबुर के पुलिस उपाधीक्षक रफीक के नेतृत्व में पुलिस टीम तैनात है। कलिकावु और पूक्कोट्टुमपदम के पुलिस अधिकारी, वन विभाग की टीम तथा नीलांबुर अग्निशमन बल भी राहत एवं बचाव अभियान में जुटे हैं। स्थानीय पंचायत अध्यक्ष वीपी अफीफा और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री ने हर घंटे समीक्षा के दिए निर्देश

लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने अधिकारियों को हर घंटे स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की आयुक्त आईएएस विग्नेश्वरी ने आपात बैठक बुलाई। इडुक्की और कोट्टायम के जिला कलेक्टरों के साथ बैठक कर दोनों जिलों की स्थिति की समीक्षा की गई।

प्रभावित जिलों में लोगों को मौसम संबंधी एसएमएस अलर्ट भेजे गए हैं। जिला कलेक्टरों को स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील

प्रशासन ने लोगों से रात के समय पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है। सभी जिलों में आपातकालीन कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जबकि तालुक स्तर पर विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है।

पुलिस, अग्निशमन और राजस्व विभाग की टीमें राहत कार्यों में जुटी हैं। निचले इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए स्थानीय निकायों को जरूरत पड़ने पर राहत शिविर तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मछुआरों के समुद्र में जाने पर रोक

मौसम खराब रहने की संभावना को देखते हुए मछुआरों के समुद्र में जाने पर रोक लगा दी गई है। राजस्व अधिकारियों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य सरकार ने आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त एनडीआरएफ टीमों की तैनाती के लिए केंद्र से संपर्क किया है।

केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड और सिंचाई विभाग को भारी बारिश के बीच बांधों और जलाशयों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों और अन्य जलस्रोतों के पास जाने से बचने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments