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Saturday, March 21, 2026
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उत्तरकाशी : राजकीय महाविद्यालय बड़कोट में बौद्धिक संपदा अधिकार पर वेबिनार आयोजित

बड़कोट (उत्तरकाशी)। राजेंद्र सिंह रावत राजकीय महाविद्यालय बड़कोट में शुक्रवार को “बौद्धिक संपदा अधिकार” विषय पर एक राष्ट्रीय वेबिनार का सफल आयोजन किया गया। यह वेबिनार महाविद्यालय के बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) सेल तथा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसका विषय था — “Understanding Intellectual Property Rights in India”।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापकों को बौद्धिक संपदा अधिकारों की मूलभूत जानकारी और व्यावहारिक पक्षों से अवगत कराना था।

वेबिनार में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. योगेश कुमार शर्मा, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी (यमकेश्वर, पौड़ी गढ़वाल) ने सहभागिता की। उन्होंने अपने व्याख्यान में बौद्धिक संपदा की अवधारणा, उसके प्रकार (पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, डिजाइन आदि), तथा इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों पर सरल भाषा में गहन प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बौद्धिक संपदा अधिकार न केवल किसी व्यक्ति के नवाचार व रचनात्मकता की रक्षा करते हैं, बल्कि यह आर्थिक उन्नति और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रो. शर्मा ने पेटेंट प्रणाली की प्रक्रिया, उसके मुद्रण, ग्रांट तथा आवेदन की तकनीकी बारीकियों को भी स्पष्ट किया। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि शोध एवं नवाचार से जुड़ी शैक्षणिक संस्थाओं के लिए बौद्धिक संपदा की समझ अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार के स्वागत उद्बोधन से हुई, जिसमें उन्होंने कार्यक्रम की विषय-वस्तु पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का अभिनंदन किया।

कार्यक्रम के समापन पर IQAC संयोजक डॉ. अंजु भट्ट ने मुख्य वक्ता व प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। वहीं IPR सेल की नोडल अधिकारी डॉ. रश्मि उनियाल ने सभी प्राध्यापकों एवं अन्य महाविद्यालयों से जुड़े प्रतिभागी शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता हेतु आभार व्यक्त किया।

यह वेबिनार न केवल बौद्धिक संपदा के महत्व को रेखांकित करने वाला एक सार्थक प्रयास रहा, बल्कि इससे महाविद्यालय स्तर पर नवाचार, शोध और अधिकारों की रक्षा की दिशा में सोच को भी मजबूती मिली।

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