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Friday, February 13, 2026
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उत्तराखंड : PWD ने PTCUL के अधिशासी अभियंता और ठेकेदार पर दर्ज कराया मुकदमा

देहरादून: उत्तराखंड पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (PTCUL) द्वारा देहरादून के आराघर में निर्माणाधीन 132 केवी सबस्टेशन के लिए 132 केवी माजरा-लालतप्पड़ लाइन के LILO कार्य के तहत की जा रही सड़क खुदाई में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अस्थाई खंड, ऋषिकेश ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें ठेकेदार, कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। विभाग का आरोप है कि अनुमति की शर्तों का घोर उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे यातायात बाधित हो रहा है, प्रदूषण फैल रहा है और सड़क सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।

PWD के अधिशासी अभियंता इंजीनियर भृगुनाथ द्विवेदी ने नेहरू कॉलोनी थाने में LF-1 (एकीकृत जांच फॉर्म-1) के तहत दर्ज कराई गई शिकायत में कहा है कि जिला समन्वय समिति, देहरादून ने 1 जनवरी 2026 को PTCUL को सशर्त सड़क कटिंग की अनुमति दी थी। अनुमति के अनुसार, खुदाई कार्य यातायात को प्रभावित किए बिना, किनारे से की जानी थी और खुदाई के बाद उचित कॉम्पैक्शन व समतलीकरण किया जाना था। लेकिन मौके पर स्थिति बिल्कुल उलट पाई गई है।

शिकायत में उल्लिखित प्रमुख अनियमितताएं इस प्रकार हैं:

  1. अव्यवस्थित खुदाई और यातायात बाधा: खुदाई के बाद मिट्टी का उचित कॉम्पैक्शन नहीं किया गया, जिससे सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इससे यातायात एक तरफ शिफ्ट हो रहा है, जाम लग रहा है और आवागमन प्रभावित हो रहा है।
  2. गलत जगह पर खुदाई: अनुमति के मुताबिक खुदाई सड़क के किनारे से होनी थी, लेकिन सेंटर लाइन के पास की गई है। इससे मिट्टी दब गई है और सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह बंद हो गया है। साथ ही, सड़क पर प्रस्तावित रोड ओवर ब्रिज (ROB) के पिलर्स मध्य में होने के कारण बीच में कोई यूटिलिटी लाइन डालना वर्जित है, लेकिन PTCUL ने निर्धारित Alignment से हटकर कार्य किया है।
  3. सुरक्षा और सूचना की कमी: कार्य स्थल पर कोई सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है। धूल नियंत्रण के लिए कोई उपाय नहीं किए गए, जिससे प्रदूषण फैल रहा है और स्थानीय व्यापारियों व आम नागरिकों से फोन पर शिकायतें आ रही हैं।
  4. अधिक चौड़ाई में खुदाई: अनुमति के समय 1.30 मीटर चौड़ाई बताई गई थी, लेकिन मौके पर 2.50 मीटर से अधिक चौड़ाई में खुदाई की गई है। इससे सड़क अधिक क्षतिग्रस्त हुई है और सड़क सुरक्षा के प्रावधान जैसे कैट आई और थर्मोप्लास्ट पेंट मार्किंग को नुकसान पहुंचा है।

शिकायत में फोटोग्राफ्स भी संलग्न किए गए हैं, जो इन अनियमितताओं को साबित करते हैं। अधिशासी अभियंता ने बताया कि स्थानीय समाचार पत्रों में इस अव्यवस्थित कार्य की खबरें प्रकाशित होने के बाद क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) ने स्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद उप जिलाधिकारी (न्यायिक) और प्रभारी अधिकारी, परियोजना समन्वय समिति, देहरादून ने 2 फरवरी 2026 को पत्र जारी कर कार्य पर रोक लगा दी। जिलाधिकारी ने भी प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

द्विवेदी ने कहा, “इस लापरवाही से लोक मार्ग को भारी नुकसान पहुंचा है, आवागमन सुचारू नहीं है और क्षेत्रीय निवासियों में रोष व्याप्त है। हमने संबंधितों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की मांग की है।” शिकायत की प्रतिलिपि जिलाधिकारी देहरादून, अधीक्षण अभियंता नवम वृत्त PWD देहरादून और अन्य अधिकारियों को भेजी गई है।

PTCUL के प्रवक्ता से संपर्क करने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, लेकिन सूत्रों का कहना है कि विभाग अनुमति की शर्तों का पालन करने का दावा कर रहा है। यह घटना सड़क खुदाई कार्यों में सरकारी विभागों के बीच समन्वय की कमी को उजागर करती है। पुलिस ने शिकायत पर जांच शुरू कर दी है और जल्द ही FIR दर्ज होने की संभावना है। इस मामले से देहरादून-ऋषिकेश मार्ग पर यातायात प्रभावित होने से हजारों यात्रियों को परेशानी हो रही है।

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